डिविडेंड क्या है? और डिविडेंड कब मिलता है? Dividend Meaning in Hindi

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Dividend in hindi होता है लाभांश, जो की कंपनी के शेयर धारको को कंपनी द्वारा दिया जाता है | आज हम इस ब्लॉग पोस्ट में यही विस्तार से जानेगे की आखिर डिविडेंड क्या है? (dividend kya hota hai, dividend meaning in hindi), dividend kab milta hai, Dividend Yield का मतलब क्या है? और ऐसेही डिविडेंड से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण अवधि | तो चलिए बिना किसी देरी के समझते हैं की आख़िर dividend kya hota hai (dividend meaning in hindi)|

Table of Contents

डिविडेंड का मतलब हिंदी में जाने | (Dividend Meaning in Hindi)

डिविडेंड का मलतब हिंदी में लाभांश होता है, जो की कंपनी अपने शेयर धारको को अपने नेट प्रॉफिट में से देती है| यह डिविडेंड निवेशकों को सालाना या त्रैमासिक याने क्वार्टरली बेसिस पे दिया जाता है | 

डिविडेंड देना जरुरी नहीं होता है, मतलब ऐसे कोई नियम नहीं है की कंपनीने अपने निवेशकों को सालाना या त्रैमासिक याने क्वार्टरली बेसिस पे डिविडेंड देना ही चाहिए | कुछ कंपनिया डिविडेंड देती है कुछ नहीं देती, और जो कंपनिया डिविडेंड नहीं देती वो पैसा अपने कंपनी के विकास केलिए इस्तेमाल करती है जिसका फायदा प्रत्यक्ष रूप से निवेशकों ही होता है | 

ए तो हमने जाना की dividend kya hota hai (Dividend Meaning in Hindi, what is dividend in hindi), लेकिन क्या आप जानते है डिविडेंड कितने प्रकार के होते हैं? (Types of dividend in hindi), डिविडेंड कौन देता है? dividend कब दिया जाता है? तो चलिए जानते है इन्ही सवालो का जवाब एकदम आसनसे शब्दों में |

डिविडेंड के प्रकार हिंदी में? (Types of dividend in Hindi)

वैसे तो डिविडेंड ५ प्रकार के होते है, जो की कुछ इस प्रकार से है:

  1. नकद लाभांश (Cash Dividend): ये आमतौर पर तिमाही आधार पर शेयरधारकों को नकद में किए गए भुगतान होते हैं।
  2. स्टॉक डिविडेंड (Stock dividend): ये शेयरधारकों को नकदी के बजाय कंपनी के स्टॉक के अतिरिक्त शेयरों के रूप में किए गए भुगतान हैं।
  3. संपत्ति लाभांश (Property dividend): ये नकद या स्टॉक के बजाय अचल संपत्ति या उपकरण जैसे संपत्ति के रूप में शेयरधारकों को किया गया भुगतान होता हैं।
  4. विशेष लाभांश (Special dividends): ये एकमुश्त (one-time) लाभांश हैं जो एक कंपनी विभिन्न कारणों से जारी कर सकती है, जैसे सहायक कंपनी की बिक्री या विशेष रूप से लाभदायक तिमाही (quarter)।
  5. स्क्रिप लाभांश (Scrip dividends): यह नकद लाभांश का एक विकल्प है, जहां कंपनी नकद लाभांश का भुगतान करने के बजाय शेयर या बॉन्ड जारी करती है।

ज्यादा तर कंपनिया इनमेसे सिर्फ नकद लाभांश यानि Cash Dividend भुगतान करती है तो हम भी सिर्फ वही समझते है |

नकद लाभांश (Cash Dividend): ये आमतौर पर तिमाही आधार पर शेयरधारकों को नकद में किए गए भुगतान होते हैं। इसमें भी दो प्रकार होते है १) Interim dividend और २) Final dividend | तो चलिए जानते है Interim dividend meaning in hindi और Final dividend meaning in hindi | 

  1. Interim dividend (अंतरिम लाभांश): अंतरिम लाभांश वे लाभांश होते हैं जिनका भुगतान कंपनियों द्वारा दो वार्षिक जनरल बैठकों के बीच किया जाता है और आमतौर पर तिमाही में भुगतान किया जाता है। उन्हें उस अवधि के दौरान कमाए गए मुनाफे से दिया जाता है।
  2. Final dividend (अंतिम लाभांश): दूसरी ओर, अंतिम लाभांश, वार्षिक जनरल बैठक के बाद, वित्तीय वर्ष के अंत में कंपनियों द्वारा भुगतान किए गए लाभांश होते हैं। उन्हें उस वित्तीय वर्ष के दौरान कमाए गए मुनाफे से दिया जाता है।

डिविडेंड देने या न देने का निर्णय कौन करता है?

निदेशक मंडल (board of directors) यह तय करने के लिए जिम्मेदार है कि अपने शेयरधारकों को लाभांश का भुगतान करेना है या नहीं, और यदि हां, तो वह कितना लाभांश होगा। लाभांश का भुगतान करने का निर्णय आमतौर पर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन (Financial Performance) और भविष्य की संभावनाओं के साथ-साथ व्यवसाय की जरूरतों के आधार पर किया जाता है।

यदि कंपनी के निदेशक मंडल (board of directors) को लगता है कि लाभांश देना आवश्यक नहीं है और उस धन का उपयोग कंपनी के विकास के लिए किया जाना चाहिए, तो वे लाभांश प्रदान नहीं करते हैं।

डिविडेंड कब दिया जाता है? (dividend kab milta hai)

लाभांश भुगतान का समय कंपनी के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। कुछ कंपनियां नियमित शेड्यूल पर लाभांश का भुगतान करती हैं, जैसे कि त्रैमासिक या वार्षिक, जबकि अन्य अनियमित शेड्यूल पर लाभांश का भुगतान कर सकती हैं या केवल तभी जब कुछ वित्तीय या व्यावसायिक शर्तें पूरी होती हैं।

कई सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनियां तिमाही आधार पर लाभांश का भुगतान करती हैं, मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर में किए गए भुगतानों के साथ, लेकिन फिर से यह कंपनी पर निर्भर करता है और यह अलग हो सकता है। कंपनियां आमतौर पर भुगतान की तारीख और लाभांश की राशि की घोषणा अपने शेयरधारकों को पहले ही कर देती हैं।

लाभांश से संबंधित महत्वपूर्ण तिथियां

(Dividend) लाभांश से संबंधित कई महत्वपूर्ण तिथियां हैं जिनके बारे में शेयरधारकों को पता होना चाहिए | तो चलिए जानते है डिविडेंड date kya hota hai:

  1. घोषणा तिथि (Declaration date): यह वह तिथि है जिस दिन कंपनी के निदेशक मंडल (board of directors) लाभांश की राशि और भुगतान तिथि की घोषणा करती है | 
  2. रिकॉर्ड तिथि (Record date): यह वह तिथि है जिस पर कंपनी के शेयरधारकों को लाभांश प्राप्त करने का हकदार होने के लिए कंपनी की पुस्तकों पर होना चाहिए।
  3. पूर्व-लाभांश तिथि (Ex-dividend date):  यह वह तिथि है जिस दिन कोई शेयर लाभांश के बिना व्यापार करना शुरू करता है। पूर्व-लाभांश तिथि को या उसके बाद स्टॉक खरीदने वाले को आगामी लाभांश प्राप्त नहीं होगा।
  4. भुगतान तिथि (Payment Date): यह वह तिथि है जिस पर शेयरधारकों को वास्तव में लाभांश का भुगतान किया जाता है।

लाभांश (dividends) का भुगतान कैसे किया जाता है?

डिविडेंड की राशि सीधे शेयर धारक के बैंक खातों में जमा की जाती है | यह वो बैंक खता होता है जो की उस शेयर धारक के demat अकाउंट से लिंक यानि जुड़ा हुआ होता है |

उदाहरण के लिए, यदि मेरा SBI का खाता मेरे  Zerodha के डीमैट खाते से जुड़ा हुआ है और कोई कंपनी लाभांश की घोषणा करती है जिसके शेयर्स मेरे  Zerodha के डीमैट खाते में पड़े हैं, तो जब भी वह कंपनी लाभांश देगी, तो मुझे सीधे मेरे SBI के खाते में लाभांश मिलेगा।

अब तक हमने जाना की dividend kya hota hai (Dividend Meaning in Hindi, what is dividend in hindi), dividend kab milta hai, डिविडेंड के प्रकार हिंदी में? इत्यादि लेकिन क्या आप जानते है डिविडेंड यील्ड क्या है? (Dividend yield meaning in Hindi) अगर नहीं तो चलिए जानते है इस सवाल का जवाब एकदम आसनसे शब्दों में |

डिविडेंड यील्ड क्या है? (Dividend yield meaning in Hindi)

अभी तक हमने जाना dividend kya hota hai (dividend meaning in hindi), dividend kab milta hai, Types of dividend in Hindi इत्यादि लेकिन क्या आप जानते है डिविडेंड यील्ड क्या है? (Dividend yield meaning in Hindi) अगर नहीं तो चलिए उसे भी एकदम आसान शब्दों में समझते है की आखिर डिविडेंड यील्ड होता क्या है? (Dividend yield meaning in Hindi)

डिविडेंड यील्ड एक वित्तीय अनुपात (financial ratio) है जो किसी भी कंपनी के वार्षिक लाभांश भुगतान की राशि को उसके स्टॉक मूल्य के सापेक्ष दर्शाता है। इसे प्रतिशत के रूप में व्यक्त किया जाता है और प्रति शेयर वर्तमान स्टॉक मूल्य प्रति शेयर वार्षिक लाभांश को विभाजित करके कैलकुलेट की जाती है।

जिसका फार्मूला कुछ इस प्रकार है:dividend yield formula

उदाहरण के लिए:

  • XYZ का वार्षिक लाभांश रु 4 प्रति शेयर है| 
  • XYZ की मौजूदा शेयर कीमत रु 200 प्रति शेयर है|

तो लाभांश प्रतिफल की गणना करने के लिए, हम प्रति शेयर वार्षिक लाभांश (4 रु.) को वर्तमान स्टॉक मूल्य प्रति शेयर (रु. 200) से विभाजित करते हैं और परिणाम को प्रतिशत के रूप में व्यक्त करने के लिए 100 से गुणा करते हैं।

डिविडेंड यील्ड = (सालाना डिविडेंड प्रति शेयर / करंट स्टॉक प्राइस प्रति शेयर) * 100
डिविडेंड यील्ड = (4/200) * 100 = 2%

तो, XYZ के लिए डिविडेंड यील्ड 2% है।

डिविडेंड कैसे कैलकुलेट करें? (How to calculate dividend in Hindi)

किसी भी स्टॉक के लाभांश को कैलकुलेट करने के लिए, आपको निम्नलिखित जानकारी जानने की आवश्यकता होगी:

  1. लाभांश प्रति शेयर (डीपीएस): यह वह राशि है जो कंपनी प्रत्येक शेयरधारक को उनके प्रत्येक शेयर के लिए भुगतान करती है। प्रति शेयर लाभांश निकालने के लिए हम कुल लाभांश को बकाया शेयरों द्वारा विभाजित करेंगे | 
  2. स्वामित्व वाले शेयरों की संख्या: यह उन शेयरों की संख्या है जो आप किसी विशेष स्टॉक के मालिक हैं।

लाभांश कैलकुलेट करने के लिए, हमें सिर्फ लाभांश प्रति शेयर (डीपीएस) को स्वामित्व वाले शेयरों की संख्या से गुगुणना होता है |

लाभांश = लाभांश प्रति शेयर (डीपीएस) x स्वामित्व वाले शेयरों की संख्या

उदाहरण के लिए, यदि आपके पास IRFC स्टॉक के 100 शेयर हैं, और irfc dividend per share रुपये 4 है, तो आपका कुल लाभांश होगा:

लाभांश = 4 x 100 = 400 रुपये। 

डिविडेंड भुगतान करने वाली कंपनियों को कैसे खोजें? (dividend dene wale share)

डिविडेंड का भुगतान करने वाली कम्पनिया खोजने केलिए हम कई सारी वेबसाइटस का इस्तेमाल कर सकते है | वेबसाइट जैसे की moneycontrol, tickertape या फिर एक्सचैंजेस की official websites | अभी हम समझेंगे की dividend dene wale share को हम BSE की official website के द्वारा कैसे खोजेंगे |

  1. पहले तो आप BSE के official वेबसाइट पे जाइये लिंक-(bseindia.com/corporates/corporates_act.html)
  2. अब ओपन हुए पेज में Corporate Actions के सेगमेंट में equity का चुनाव करे और From Date और To Date भरे।
  3. Purpose के सामने वाले box में dividend select करे और submit बटन पे क्लिक | 

अब आपने चुनी हुई तारीख के बिच में dividend dene wale share की जानकारी आ जाएगी।

dividend dene wale share

अब तक हमने जाना की dividend kya hota hai (Dividend Meaning in Hindi, what is dividend in hindi), dividend kab milta hai, डिविडेंड के प्रकार हिंदी में? इत्यादि लेकिन क्या आप जानते है डिविडेंड के फायदे और नुकसान अगर नहीं तो चलिए जानते है इस सवाल का जवाब एकदम आसनसे शब्दों में |

डिविडेंड के फायदे और नुकसान

डिविडेंड के फायदे:

  1. नियमित इनकम: लाभांश निवेशकों के लिए एक नियमित आय धारा प्रदान करते हैं, जो विशेष रूप से सेवानिवृत्त लोगों या अन्य निवेशकों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं जो अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए नियमित आय पर भरोसा करते हैं।
  2. एक स्वस्थ कंपनी की निशानी: Dividend dene wale share अक्सर वित्तीय रूप से स्थिर होती हैं और लाभप्रदता का एक ठोस ट्रैक रिकॉर्ड रखती हैं। यह उन निवेशकों के लिए एक अच्छा संकेत हो सकता है जो भविष्य में बढ़ने की अच्छी संभावना वाली कंपनी में अपना पैसा लगाना चाहते हैं।
  3. पूंजी वृद्धि की संभावना: भले ही कोई कंपनी उच्च लाभांश का भुगतान नहीं करती है, फिर भी निवेशक पूंजी वृद्धि के माध्यम से पैसा कमा सकते हैं। अगर शेयर की कीमत बढ़ती है, तो निवेशक लाभ के लिए अपने शेयर बेच सकते हैं।
  4. विविधीकरण (Diversification): Dividend dene wale share एक निवेश पोर्टफोलियो के लिए विविधीकरण प्रदान कर सकते हैं, जो समग्र पोर्टफोलियो के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

डिविडेंड के नुकसान:

  1. घटी हुई आय(Earnings): लाभांश का भुगतान कंपनी की कमाई से किया जाता है, इसलिए जितना अधिक कंपनी लाभांश में भुगतान करती है, उतना ही कम उसे अपने व्यवसाय में पुनर्निवेश करने या अन्य उद्देश्यों में उपयोग करने के लिए छोड़ दिया जाता है।
  2. लाभांश कटौती: कंपनियां किसी भी समय लाभांश को कम या समाप्त कर सकती हैं, जो उन निवेशकों के लिए निराशाजनक हो सकता है जो इनकम के लिए उन लाभांशों पर भरोसा करते हैं।
  3. डिविडेंड यील्ड बहुत कम हो सकती है: कुछ कंपनियां आय-केंद्रित निवेशकों के लिए उन्हें आकर्षक बनाने के लिए पर्याप्त डिविडेंड यील्ड का भुगतान नहीं कर सकती हैं।
  4. कर निहितार्थ: लाभांश पर आय के रूप में कर लगाया जाता है, जो उच्च टैक्स ब्रैकेट में निवेशकों के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

डिविडेंड से संबंधित जरूरी बातें (Important things related to dividend)

हमने डिविडेंड (Dividend Meaning in Hindi) के बारे में बेसिक जानकारी तो जान ली है, लेकिन आइए अब जानते हैं डिविडेंड से जुड़ी कुछ जरूरी बातें जो निवेशक को हमेशा ध्यान में रखनी चाहिए।

डिविडेंड से पहले शेयर प्राइस देखे या मौलिक विश्लेषण करे

इसके पीछे कई सारे कारन है, और उन्महेंसे एक तो यह है कि कुछ कम्पनिया सिर्फ निवेशकोंको आकर्षित करने हेतु डिविडेंड देती है नाकि प्रॉफिट होने के कारन | ऐसे कंपनियों से बचने केलिए आपको उस कंपनीके शेयर price को समझना चाहिए की शेयर price आखिर कोनसा ट्रेंड फॉलो कर रही है अगर शेयर price में overall ट्रेंड ऊपर की तरफ का है तो इसका मतलब कंपनी profitable है | लेकिन अगर कंपनी की शेयर price लगातार २ – ३ सालो से गिर रही है तो इसका मतबल कंपनी घाटे में है | तो ऐसे वक्त आप और जानकारी केलिए उसके वित्तीय रिपोर्ट चेक कर साकेत है और जान सकते है की कंपनी प्रॉफिटेबल है या नहीं|

डिविडेंड के चक्कर में debt वाली कंपनियों में निवेश न करें

ज्यादातर आपने सुना होगा या देखा होगा की सरकारी कंपनी या अपने निवेशकों को हर साल डिविडेंड देती है | लेकिन क्या आपने ए सोचा है की ऐ कंपनिया आखिर डिविडेंड क्यों देती है मतबल इनको सचमें प्रॉफिट हुआ भी है या नहीं | क्योकि ज्यादा तर सरकारी कंपनी या बहोत debt में होती है और उस debt के कारन उनका शेयर price हमेशा गिरता ही रेहता है और अगर आप ऐसे कंपनियों में सिर्फ डिविडेंड केलिए निवेश करते हो तो आप डिविडेंड तो ले पाएंगे पर आपकी निवेश की राशि घटती रहेगी और कालांतर में आपको loss ही होगा | 

इसलिए सिर्फ डिविडेंड के लिए किसी कंपनी में निवेश न करें बल्कि पूरी जांच पड़ताल करें कि कंपनी कर्ज में है या नहीं और अगर है फिर भी लगातार डिविडेंड दे रही है तो ऐसी कंपनियों से दूर रहें।

पहले जानिए डिविडेंड देने के पीछे कंपनी के प्रमोटर्स का क्या मकसद है?

डिविडेंड देने के पीछे कंपनी के प्रमोटर्स की मंशा को समझना जरूरी है। किसी भी कंपनी का प्राथमिक लक्ष्य कंपनी के आंतरिक मूल्य को बढ़ाना होना चाहिए, न कि निवेशकों को आकर्षित करने के लिए लाभांश वितरित करना। 

यह भी पढ़े, आंतरिक मूल्य क्या है? इसे कैसे निकालते हैं?

ऐसा इसलिए है क्योंकि यदि किसी कंपनी का प्राथमिक ध्यान लाभांश वितरण पर है, तो हो सकता है कि वह व्यवसाय की वृद्धि और विकास में पर्याप्त निवेश न कर रही हो, जिससे समय के साथ कंपनी के आंतरिक मूल्य में कमी आ सकती है। 

इसके अतिरिक्त, यदि कोई कंपनी केवल लाभांश वितरित करने पर केंद्रित है, तो हो सकता है कि वह दीर्घावधि में लाभांश भुगतान को बनाए रखने के लिए पर्याप्त लाभ नहीं कमा रही हो, जिससे कंपनी और उसके शेयरधारकों के लिए संभावित वित्तीय समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

Dividend की इनकम से अधिक शेयर प्राइस के बढ़ोतरी पर ध्यान दें | 

सिर्फ डिविडेंड इनकम के बजाय शेयर प्राइस ग्रोथ पर ध्यान देना जरूरी है। डिविडेंड सिर्फ इनकम का एक स्थिर प्रवाह प्रदान कर सकते हैं, वे अनिवार्य रूप से किसी कंपनी के समग्र प्रदर्शन या क्षमता का संकेत नहीं देते हैं।

दूसरी ओर शेयर प्राइस की बढ़ोतरी, यह संकेत दे सकती है कि एक कंपनी अच्छा प्रदर्शन कर रही है और भविष्य में विकास की संभावना है। इसके अतिरिक्त, जो कंपनियाँ उच्च लाभांश का भुगतान नहीं करती हैं, वे अपने लाभ को विकास के लिए व्यवसाय में वापस निवेश कर सकती हैं, जो अंततः लंबी अवधि में उच्च शेयर की कीमतों को जन्म दे सकती हैं। इसलिए, केवल लाभांश आय पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय निवेश करने से पहले किसी कंपनी के समग्र प्रदर्शन और क्षमता पर विचार करना महत्वपूर्ण है।

डिविडेंड टैक्स के बारे में जरूर जान लें

शेयरधारकों द्वारा प्राप्त लाभांश आय भारत में कर-मुक्त है, क्योंकि कंपनी द्वारा लाभांश वितरण कर (DDT यानि Dividend Distribution Tax) का भुगतान पहले ही किया जा चुका होता है। हालांकि, यदि भारतीय कंपनियों से किसी व्यक्ति द्वारा प्राप्त कुल लाभांश आय एक वित्तीय वर्ष में रु 10 लाख से अधिक है, तो आयकर अधिनियम की धारा 115BBDA के अनुसार, रु 10 लाख से अधिक की राशि पर 10% का अतिरिक्त कर लगाया जाता है।

निष्कर्ष (Dividend Meaning in Hindi)

डिविडेंड पैसिव इनकम का एक अच्छा सोर्स है, लेकिन इसका सही तरीके से फायदा उठाने के लिए इसके बारे में पूरी जानकारी होना जरूरी है। और मुझे आशा है कि मैं आपको इस ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से वह जानकारी देने में सफल रहा हूँ।

इस ब्लॉग पोस्ट में हमने डिविडेंड क्या होता है (dividend kya hota hai, dividend meaning in hindi), डिविडेंड के फायदे और नुकसान और डिविडेंड से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी के बारे में विस्तार से जाना है। अगर आपको दियी गयी जानकारी लाभदायक लगी हो तो उसे अपने परिजनों के साथ जरूर शेयर करे ताकि वो भी Dividend का लाभ उठा सके | 

Dividend Meaning in Hindi का यह ब्लॉग पोस्ट आपको कैसा लगा, अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

Happy Learning 😊 & Happy Trading 😊.

‘Dividend meaning in Hindi’ से संबंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डिविडेंड का भुगतान प्रति-शेयर के आधार पर किया जाता है, जिसका अर्थ है कि प्राप्त राशि स्वामित्व वाले शेयरों की संख्या पर आधारित होती है। लाभांश का भुगतान अक्सर त्रैमासिक या वार्षिक रूप से किया जाता है । कंपनियां अपनी सफलता को शेयरधारकों के साथ साझा करने और निवेश पर प्रतिफल प्रदान करने के लिए लाभांश का भुगतान करती हैं।

सरकारी कंपनियां सबसे ज्यादा डिविडेंड अपने शेयर धारको को देती है | जिनमें ONGC, Gail इंडिया, सेल, कोल इंडिया और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन जैसे कंपनिया शामिल हैं। 

प्रस्तावित लाभांश ऐसे लाभांश को संदर्भित करता है जो कंपनी के निदेशक मंडल ने शेयरधारकों को भुगतान करने का सुझाव दिया है या अनुशंसित किया है, लेकिन अभी तक स्वीकृत या घोषित नहीं किया गया है। यह प्रस्तावित लाभांश राशि वार्षिक आम बैठक के दौरान शेयरधारकों के अनुमोदन के अधीन है।

लाभांश से होने वाली आय को डिविडेंड इनकम कहते है |

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एक महत्वाकांक्षी वित्त छात्र शेयर बाजार से जुनूनी हो गया और शुरुआती लोगों को इसके बारे में और आसानी से सीखने में मदद करने का फैसला किया। एक ऐसी वेबसाइट बनाई जो शेयर बाजार में शुरुआत करने के बारे में रणनीति और तकनीकी ज्ञान प्रदान करेगी।


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